Pooja Vidhi

Bhai Dooj

भाई दूज : पौराणिक कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Bhai Dooj : Pouranik Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

भाई दूज क्या है? भाई दूज दिवाली के बाद मनाया जाने वाला पर्व है। इसे भाई टीका या भैयादूज भी कहा जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों […]

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Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन: माँ कूष्माण्डा की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Fourth Day – Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन (Navratri Fourth Day) नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के कूष्माण्डा स्वरूप की पूजा की जाती है। इन्हें आदिशक्ति और सृष्टि की जननी भी कहा जाता है। मान्यता है कि माँ कूष्माण्डा ने अपनी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना की थी। माँ कूष्माण्डा की कहानी (Maa Kushmanda Ki Kahani in

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Chandraghanta Mata

नवरात्रि का तीसरा दिन: चन्द्रघण्टा माता की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Third Day – Chandraghanta Mata

नवरात्रि का तीसरा दिन (Navratri Third Day) नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के चन्द्रघण्टा स्वरूप की पूजा की जाती है। इनके मस्तक पर अर्धचन्द्र के आकार की स्वर्ण घंटा (घण्टा) सुशोभित रहती है, इसी कारण इन्हें चन्द्रघण्टा माता कहा जाता है। यह स्वरूप माँ का शौर्य, पराक्रम और वीरता का प्रतीक है। भक्तों की

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Ganesh Ji

संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत: महत्व, विधि और अंगारकी चतुर्थी का विशेष महत्व (Sankasti Ganesh Chaturthi Varat)

संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत संकटमोचन भगवान गणेश को समर्पित है और जीवन से संकट, बाधाएं और कष्ट दूर करने के लिए किया जाता है। इस व्रत का पालन भक्तगण पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करते हैं। 📖 संकष्टी चतुर्थी व्रत

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