Divya Katha

Ramayan ke Chaar Bhai aur Purusharth

Ramayan ke Chaar Bhai aur Purusharth : राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न

प्रस्तावना: चारों भाई ही क्यों? जानें इनके गहरे दार्शनिक संबंध को Ramayan ke Chaar Bhai aur Purusharth : रामायण के केंद्र में मर्यादा पुरुषोत्तम राम हैं, लेकिन उनके तीन भाइयों—भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न—का होना मात्र राजपरिवार की पूर्ति मात्र नहीं है। हिंदू दर्शन में कोई भी घटना आकस्मिक नहीं होती; प्रत्येक पात्र ब्रह्मांडीय सिद्धांत का […]

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Lord Nataraja Shiva

देवाधिदेव महादेव – नटराज शिव (Lord of Lords Mahadev – Nataraja Shiva)

नटराज शिव का रहस्य: हिन्दू धर्म के त्रिदेवों में शिव का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यद्यपि उन्हें संहारक या प्रलयकर्ता कहा गया है, परंतु उनके अनन्य उपासक उन्हें सृष्टि और स्थिति का कर्ता भी मानते हैं। शिव को अनुग्रह, प्रसाद और तिरोभाव करने वाला कहा गया है। यही तीन गुण उनकी पंचकृत्य (सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोभाव और अनुग्रह) की

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Ardhnarishwar Bhagwan Shiv

अर्धनारीश्वर भगवान शिव (Ardhnarishwar Bhagwan Shiv) : शिव‑शक्ति के एकत्व का परम रहस्य

अर्धनारीश्वर रूप की स्तुति अर्धनारीश्वर भगवान शिव का रहस्य ( सृष्टि के समय परम पुरुष अपने ही अर्द्धाङ्ग से प्रकृति को निकालकर उसमें समस्त सृष्टि की उत्पत्ति ) अर्धनारीश्वर भगवान् शिवसकलभुवनभूतभावनाभ्यांजननविनाशविहीनविग्रहाभ्याम् ।नरवरयुवतीवपुर्धराभ्यांसततमहं प्रणतोऽस्मि शङ्कराभ्याम् ॥ अर्थात् — जो समस्त भुवनों के प्राणियों को उत्पन्न करनेवाले हैं, जिनका विग्रह जन्म और मृत्यु से रहित है तथा जो

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Vishnu Bhagwan

भगवान् अवतार क्यों लेते हैं (Bhagwan Avtar Kyon Lete hai) | परम ब्रह्मनिष्ठ संत श्री उड़ियाबाबाजी महाराज के उपदेश

✨ भूमिका सनातन धर्म में “अवतार” का अर्थ है — भगवान् का धरती पर मानव रूप में अवतरण ( भगवान् अवतार क्यों लेते हैं )। जब अधर्म बढ़ता है, जब धर्म पर संकट आता है, या जब भक्तों की पुकार असहनीय हो जाती है — तब परमात्मा स्वयं अवतरित होकर संतुलन स्थापित करते हैं।इसी दिव्य

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Hanuman Ji ke 12 Naam

हनुमान जी के 12 नाम: महत्व, लाभ और जप की विधि

हनुमान जी के 12 प्रमुख नाम हनुमान जी को अनेक नामों से जाना जाता है। उनके 12 विशेष नाम इस प्रकार हैं: हनुमान जी के 12 नामों के लाभ इन नामों का नित्य जप करने से भक्त को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं: विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को इन नामों का जप करने

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Hanuman Ji ka 108 Naam

हनुमानजी के 108 नाम: जानिए 11 खास नामों का रहस्य

हनुमानजी को बल, बुद्धि और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। त्रेतायुग से लेकर कलियुग तक उनका नाम लेने मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। कहते हैं कि हनुमानजी के 108 नाम हैं, और हर नाम के पीछे एक गहरा रहस्य छिपा है। इस ब्लॉग में हम आपको हनुमानजी के 11

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Shree Ram Shalaka Prashnawali

श्रीराम शलाका प्रश्नावली – प्रभु श्रीराम से मार्गदर्शन पाने का दिव्य उपाय

श्रीराम शलाका प्रश्नावली क्या है? जीवन में कई बार ऐसे अवसर आते हैं जब इंसान निर्णय लेने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे समय में श्रीराम शलाका प्रश्नावली एक दिव्य मार्गदर्शक के रूप में सामने आती है। यह प्रश्नावली तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस पर आधारित है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका प्रयोग करने

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Bajrang Baan

श्री बजरंग बाण पाठ – सम्पूर्ण पाठ, महत्व और लाभ (Shree Bajrang Baan)

श्री बजरंग बाण का महत्व श्री हनुमानजी को संकटमोचन और भक्तवत्सल कहा जाता है। उनकी स्तुति और स्मरण से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं।बजरंग बाण का पाठ विशेष रूप से शत्रु बाधा, भय, भूत-प्रेत, और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा के लिए किया जाता है।तुलसीदास जी की यह रचना भक्तों को बल, बुद्धि

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Ganesh Ji

सतयुग में हुआ था गणेशजी का महोत्कट अवतार

गणेशजी को विघ्नहर्ता, बुद्धि-विवेक और सिद्धियों के दाता माना जाता है। वे थोड़ी-सी उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं और इसी कारण उन्हें हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य देवता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार गणेशजी ने कुल 64

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Ganesh Ji

त्रेतायुग में भगवान गणेश का मयूरेश्वर अवतार – पूरी कथा

भगवान गणेशजी को हिन्दू धर्म में विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और सिद्धियों के दाता कहा गया है। उन्होंने समय-समय पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा और अधर्म का विनाश किया। त्रेतायुग में गणेशजी ने मयूरेश्वर अवतार धारण किया और महादैत्य सिंधु का वध कर तीनों लोकों को अत्याचार से मुक्त किया। भगवान् मयूरेश्वरका अवतार त्रेतायुगकी बात

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