Pooja Vidhi

Hartalika Teej

हरतालिका तीज व्रत 2026: कथा, महत्व और पूजा विधि

हरतालिका तीज व्रत का महत्व हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से कुंवारी लड़कियों और विवाहित महिलाओं द्वारा किया जाता है। इस व्रत का उद्देश्य है: हरतालिका तीज का नाम “हर” (भगवान शिव) और “तालिका” (पार्वती जी का तंत्र) से आया है। हरतालिका तीज व्रत का महत्व […]

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Brahmcharini mata

नवरात्रि का दूसरा दिन: ब्राह्मचारिणी माता की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Second Day – Brahmacharini Mata

नवरात्रि का दूसरा दिन (Navratri Second Day) नवरात्रि के दूसरे दिन माँ दुर्गा के ब्राह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप माँ का साधना, तपस्या और संयम का प्रतीक है। माँ ब्राह्मचारिणी को शांति, भक्ति और ज्ञान की देवी माना जाता है। ब्राह्मचारिणी माता की कहानी (Brahmacharini Mata Ki Kahani in Hindi) पौराणिक

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Santoshi Maa

संतोषी माता व्रत कथा: महत्व, विधि और चमत्कारी फल (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha)

संतोषी माता व्रत का महत्व संतोषी माता को संतोष और सरलता की देवी माना जाता है। जो भक्त सच्चे मन से Santoshi Mata Vrat करता है, उसके जीवन से दुख, दरिद्रता और कष्ट दूर होकर सुख, समृद्धि और संतोष प्राप्त होता है।हर शुक्रवार को किए जाने वाले इस व्रत को विशेष रूप से स्त्रियाँ पति

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Shailputri mata

नवरात्रि का प्रथम दिन: शैलपुत्री माता की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri First Day – Shailputri Mata

नवरात्रि का प्रथम दिन (Navratri First Day) नवरात्रि के पहले दिन माँ दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। शैलपुत्री माता को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। यह स्वरूप माँ दुर्गा का सबसे शांत, पवित्र और शक्तिशाली रूप है। शैलपुत्री माता की कहानी (Shailputri Mata Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा

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karwa chauth

करवा चौथ पूजा विधि, महत्व, कथा और आरती: सम्पूर्ण मार्गदर्शन

करवा चौथ का महत्व करवा चौथ भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख व्रत है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं करती हैं। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य पति की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए होता है। करवा चौथ का व्रत शरद पूर्णिमा के बाद आने वाले चौथे दिन रखा जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह

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Brihaspati Dev

Guruvar Vrat Katha, विधि, नियम और लाभ

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं और ग्रहों की कृपा पाने के लिए जप और व्रत को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। विधि-विधान से किए गए व्रत से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन व्रत

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Dhanteras

धनतेरस पूजा विधि | Dhanteras Puja Vidhi in Hindi

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और इस दिन देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ माना जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख, समृद्धि और धन का वास हो, तो इस Dhanteras Puja Vidhi को विधिपूर्वक अपनाएँ। 1. शुद्धिकरण

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Govardhan Pooja

गोवर्धन पूजा : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Govardhan Pooja : Katha, Mahatwa or Utsav Ka Tarika)

गोवर्धन पूजा क्या है? गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है। इसे अन्नकूट या अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। यह पर्व प्रकृति और पशुपालन का महत्व बताने वाला पर्व है। गोवर्धन पूजा का मुख्य उद्देश्य प्रकृति और गायों के लिए

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Bhai Dooj

भाई दूज : पौराणिक कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Bhai Dooj : Pouranik Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

भाई दूज क्या है? भाई दूज दिवाली के बाद मनाया जाने वाला पर्व है। इसे भाई टीका या भैयादूज भी कहा जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों

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Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन: माँ कूष्माण्डा की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Fourth Day – Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन (Navratri Fourth Day) नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के कूष्माण्डा स्वरूप की पूजा की जाती है। इन्हें आदिशक्ति और सृष्टि की जननी भी कहा जाता है। मान्यता है कि माँ कूष्माण्डा ने अपनी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना की थी। माँ कूष्माण्डा की कहानी (Maa Kushmanda Ki Kahani in

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