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श्री महाविष्णु त्वरितास्त्र स्तोत्रम्

श्री महाविष्णु त्वरितास्त्र स्तोत्रम्: दिव्य शक्ति और शत्रु-विनाश का अद्भुत स्तोत्र (Shri Maha Vishnu Tvaritāstra Stotram: The Divine Hymn of Power and Instant Destruction of Enemies)

“श्री महाविष्णु त्वरितास्त्र स्तोत्रम्” एक अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली विष्णु स्तोत्र है, जो न केवल आध्यात्मिक उत्थान देता है, बल्कि शत्रु-विनाश, संकट-मोचन, और जीवन में त्वरित सफलता का वरदान भी प्रदान करता है। यह स्तोत्र विष्णु के त्वरिता रूप और नृसिंह, सुदर्शन, एवं उग्रनारायणी शक्तियों का समन्वय है। इसके नियमित पाठ से जीवन में आने […]

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Hinduism History and Culture

The Eternal Tapestry: A Journey into Hinduism’s History, Culture, and Regional Traditions

Hinduism History and Culture: Hinduism is not merely a religion; it is a universe. It is a sprawling, ancient, and ever-evolving tapestry woven with threads of profound philosophy, vibrant mythology, intricate rituals, and a deep, abiding connection to life itself. It is a tradition that embraces paradox—simultaneously monotheistic and polytheistic, ascetic and sensual, firmly rooted

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Amalaki Lakshmi Katha

🌿धात्री देवी (आंवला) का दिव्य आख्यान: हिंदी अर्थ सहित पूजा, महिमा और आयुर्वेदिक लाभ | Akshay Navami Vrat Katha in Hindi

श्री आमलकी लक्ष्मी धात्री देवी आख्यान (Akshay Navami Vrat Katha) का अत्यंत सुंदर, संपूर्ण और दुर्लभ संकलन साझा किया है — इसमें वैदिक, पौराणिक, आयुर्वेदिक और भक्ति सभी दृष्टियों से धात्री (आँवला) देवी का महात्म्य अत्यंत भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत है। यह आख्यान न केवल अक्षय नवमी या आमलकी एकादशी के व्रत में पाठ के

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Chhath Puja Ki Kahani

छठ पूजा (Chhath Puja): सूर्यदेव को अर्घ्य और छठी मैया की कृपा का महापर्व

छठ पूजा (Chhath Puja) भारत के सबसे प्राचीन और आस्था से परिपूर्ण लोक त्योहारों में से एक है। यह केवल एक पूजा नहीं, बल्कि शुद्धता, समर्पण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का चार दिवसीय महापर्व है। यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया (देवी षष्ठी) को समर्पित है, जिन्हें संतान की रक्षा और दीर्घायु का आशीर्वाद देने वाली देवी

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द्वादश ज्योतिर्लिंग

  द्वादश ज्योतिर्लिंग: स्थान, महत्व और कथाएँ | 12 Jyotirlinga in India

द्वादश ज्योतिर्लिंग: भोले बाबा के 12 दिव्य प्रकाश स्तंभ द्वादश ज्योतिर्लिंग इतिहास और महत्व: हिंदू धर्म में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आदि गुरु शंकराचार्य ने ‘द्वादश

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Chhath Puja

लोक आस्था का महापर्व छठ अलौकिक है | सूर्य उपासना के ऋग्वेदीय मंत्र और अर्थ (Chhath Puja: The Great Festival of Faith and Sun Worship | Rigvedic Mantras and Their Meanings)

✨ भूमिका भारत का महापर्व छठ पूजा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सूर्य उपासना का अद्भुत विज्ञान है। इस व्रत (छठ पूजा सूर्य उपासना ऋग्वेद मंत्र)में भगवान सूर्य की आराधना, अर्घ्य और स्तुति की जाती है। ऋग्वेद में भी सूर्य को सृष्टि का मूल, आरोग्य और जीवन का आधार बताया गया है। सूर्य की स्तुति

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Lord Nataraja Shiva

देवाधिदेव महादेव – नटराज शिव (Lord of Lords Mahadev – Nataraja Shiva)

नटराज शिव का रहस्य: हिन्दू धर्म के त्रिदेवों में शिव का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यद्यपि उन्हें संहारक या प्रलयकर्ता कहा गया है, परंतु उनके अनन्य उपासक उन्हें सृष्टि और स्थिति का कर्ता भी मानते हैं। शिव को अनुग्रह, प्रसाद और तिरोभाव करने वाला कहा गया है। यही तीन गुण उनकी पंचकृत्य (सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोभाव और अनुग्रह) की

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Ardhnarishwar Bhagwan Shiv

अर्धनारीश्वर भगवान शिव (Ardhnarishwar Bhagwan Shiv) : शिव‑शक्ति के एकत्व का परम रहस्य

अर्धनारीश्वर रूप की स्तुति अर्धनारीश्वर भगवान शिव का रहस्य ( सृष्टि के समय परम पुरुष अपने ही अर्द्धाङ्ग से प्रकृति को निकालकर उसमें समस्त सृष्टि की उत्पत्ति ) अर्धनारीश्वर भगवान् शिवसकलभुवनभूतभावनाभ्यांजननविनाशविहीनविग्रहाभ्याम् ।नरवरयुवतीवपुर्धराभ्यांसततमहं प्रणतोऽस्मि शङ्कराभ्याम् ॥ अर्थात् — जो समस्त भुवनों के प्राणियों को उत्पन्न करनेवाले हैं, जिनका विग्रह जन्म और मृत्यु से रहित है तथा जो

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Vishnu Bhagwan

भगवान् अवतार क्यों लेते हैं (Bhagwan Avtar Kyon Lete hai) | परम ब्रह्मनिष्ठ संत श्री उड़ियाबाबाजी महाराज के उपदेश

✨ भूमिका सनातन धर्म में “अवतार” का अर्थ है — भगवान् का धरती पर मानव रूप में अवतरण ( भगवान् अवतार क्यों लेते हैं )। जब अधर्म बढ़ता है, जब धर्म पर संकट आता है, या जब भक्तों की पुकार असहनीय हो जाती है — तब परमात्मा स्वयं अवतरित होकर संतुलन स्थापित करते हैं।इसी दिव्य

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Mrutsanjeevani Stotra

मृतसञ्जीवनी स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित (Mrutsanjeevani Stotra with Hindi Meaning) : जीवन रक्षक और अमृत कवच

मृतसञ्जीवनी स्तोत्र एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसे महर्षि वशिष्ठ ने रचा था। यह स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित है और उनके कई अनजाने पहलुओं पर प्रकाश डालता है। माना जाता है कि इसका पूर्ण चित्त से पाठ करने वाला व्यक्ति जीवन में किसी भी कष्ट या विपत्ति का सामना नहीं करता। इस

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