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Santoshi Maa

संतोषी माता व्रत कथा: महत्व, विधि और चमत्कारी फल (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha)

संतोषी माता व्रत का महत्व संतोषी माता को संतोष और सरलता की देवी माना जाता है। जो भक्त सच्चे मन से Santoshi Mata Vrat करता है, उसके जीवन से दुख, दरिद्रता और कष्ट दूर होकर सुख, समृद्धि और संतोष प्राप्त होता है।हर शुक्रवार को किए जाने वाले इस व्रत को विशेष रूप से स्त्रियाँ पति […]

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Shiv Parvati

सोमवार व्रत कथा: महत्व, विधि और चमत्कारी फल (Somvar Vrat Katha: Mahatva, Vidhi aur Chamatkari Phal)

सोमवार व्रत का महत्व सोमवार का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है। इस व्रत का पालन करने से संपत्ति, सुख-समृद्धि, दांपत्य जीवन में प्रेम और मनोकामना पूर्ण होती है।विशेषकर 16 सोमवार व्रत का अत्यधिक महत्व बताया गया है। यह व्रत रखने से रोग, दरिद्रता और संकट दूर

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Shani Dev

शनि चालीसा और उसका पूजन विधि | Shani Chalisa Pooja Vidhi in Hindi

शनि चालीसा क्या है? शनि चालीसा भगवान शनि देव (Shani Dev) को समर्पित 40 श्लोकों की एक भक्ति काव्य रचना है। इसे पढ़ने से भक्तों पर शनि ग्रह की दुर्बलता, कष्ट और बाधाएँ कम होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है। शनि देव को न्यायप्रिय ग्रह और कर्मफल देने वाले

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Dushahara

दशहरा (Vijayadashami) : महत्व, धार्मिक मान्यताएँ, रावण दहन और भारतभर की परंपराएँ

दशहरा या विजयादशमी क्या है? दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ दुर्गा की साधना और आराधना के बाद दशहरे का पर्व विजय और सत्य की

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Maa Siddhidatri

नवरात्रि का नवाँ दिन: माँ सिद्धिदात्री की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Ninth Day – Maa Siddhidatri

नवरात्रि का नवाँ दिन (Navratri Ninth Day) नवरात्रि के अंतिम दिन यानी नवमी तिथि को माँ दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप भक्तों को आठों सिद्धियाँ (अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व) प्रदान करता है। माँ सिद्धिदात्री की कहानी (Maa Siddhidatri Ki Kahani in Hindi) देवी भागवत

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Maa Mahagauri

नवरात्रि का आठवाँ दिन: माँ महागौरी की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Eighth Day – Maa Mahagauri

नवरात्रि का आठवाँ दिन (Navratri Eighth Day) नवरात्रि के आठवें दिन माँ दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इनका यह रूप निर्मलता, सौंदर्य और शांति का प्रतीक है। भक्त इस दिन कन्या पूजन (कन्या भोज) भी करते हैं। माँ महागौरी की कहानी (Maa Mahagauri Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार,

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Maa Kaalratri

नवरात्रि का सातवाँ दिन: माँ कालरात्रि की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Seventh Day – Maa Kalaratri

नवरात्रि का सातवाँ दिन (Navratri Seventh Day) नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। इनका रूप भयंकर और रौद्र है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए हमेशा मंगलकारी और शुभ फल देने वाली हैं। माँ कालरात्रि की कहानी (Maa Kalaratri Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार,

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Katyayani Mata

नवरात्रि का छठा दिन: माँ कात्यायनी की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Sixth Day – Maa Katyayani

नवरात्रि का छठा दिन (Navratri Sixth Day) नवरात्रि के छठे दिन माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। वे शक्ति और साहस की देवी मानी जाती हैं। माँ कात्यायनी को अष्टमहा शक्ति में से एक माना गया है। माँ कात्यायनी की कहानी (Maa Katyayani Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार,

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Skanda Mata

नवरात्रि का पाँचवाँ दिन: माँ स्कंदमाता की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Panchwa Din – Maa Skandamata

नवरात्रि का पाँचवाँ दिन (Navratri Panchwa Din) नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। इनका यह स्वरूप मातृत्व और करुणा का प्रतीक है। माँ स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता कहा जाता है, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। माँ स्कंदमाता की कहानी (Maa Skandamata Ki Kahani

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Brahmcharini mata

नवरात्रि का दूसरा दिन: ब्राह्मचारिणी माता की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Second Day – Brahmacharini Mata

नवरात्रि का दूसरा दिन (Navratri Second Day) नवरात्रि के दूसरे दिन माँ दुर्गा के ब्राह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप माँ का साधना, तपस्या और संयम का प्रतीक है। माँ ब्राह्मचारिणी को शांति, भक्ति और ज्ञान की देवी माना जाता है। ब्राह्मचारिणी माता की कहानी (Brahmacharini Mata Ki Kahani in Hindi) पौराणिक

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