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Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन: माँ कूष्माण्डा की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Fourth Day – Maa Kushmanda

नवरात्रि का चौथा दिन (Navratri Fourth Day) नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के कूष्माण्डा स्वरूप की पूजा की जाती है। इन्हें आदिशक्ति और सृष्टि की जननी भी कहा जाता है। मान्यता है कि माँ कूष्माण्डा ने अपनी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना की थी। माँ कूष्माण्डा की कहानी (Maa Kushmanda Ki Kahani in […]

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Chhath Pooja

छठ पूजा व्रत कथा: जानें पूरी कहानी और महत्व (Chhath Pooja Vrat Katha)

छठ पूजा भारत में विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाई जाने वाली एक प्रमुख पर्व है। यह पर्व सूर्य देव और छठी माता की उपासना के लिए किया जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएँ निर्जल व्रत करती हैं और सूर्य को अर्घ्य देती हैं। आइए जानते हैं छठ पूजा

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Bhai Dooj

भाई दूज : पौराणिक कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Bhai Dooj : Pouranik Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

भाई दूज क्या है? भाई दूज दिवाली के बाद मनाया जाने वाला पर्व है। इसे भाई टीका या भैयादूज भी कहा जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों

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Govardhan Pooja

गोवर्धन पूजा : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Govardhan Pooja : Katha, Mahatwa or Utsav Ka Tarika)

गोवर्धन पूजा क्या है? गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है। इसे अन्नकूट या अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। यह पर्व प्रकृति और पशुपालन का महत्व बताने वाला पर्व है। गोवर्धन पूजा का मुख्य उद्देश्य प्रकृति और गायों के लिए

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Narak Chaturdashi

नरक चतुर्दशी : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Narak Chaturdashi : Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

नरक चतुर्दशी क्या है? नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली, काली चौदस और रूप चौदस भी कहा जाता है, दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन यमराज की

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Dhanteras

धनतेरस पूजा विधि | Dhanteras Puja Vidhi in Hindi

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और इस दिन देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ माना जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख, समृद्धि और धन का वास हो, तो इस Dhanteras Puja Vidhi को विधिपूर्वक अपनाएँ। 1. शुद्धिकरण

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Brihaspati Dev

Guruvar Vrat Katha, विधि, नियम और लाभ

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं और ग्रहों की कृपा पाने के लिए जप और व्रत को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। विधि-विधान से किए गए व्रत से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन व्रत

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karwa chauth

करवा चौथ पूजा विधि, महत्व, कथा और आरती: सम्पूर्ण मार्गदर्शन

करवा चौथ का महत्व करवा चौथ भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख व्रत है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं करती हैं। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य पति की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए होता है। करवा चौथ का व्रत शरद पूर्णिमा के बाद आने वाले चौथे दिन रखा जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह

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Ganesh Ji

त्रेतायुग में भगवान गणेश का मयूरेश्वर अवतार – पूरी कथा

भगवान गणेशजी को हिन्दू धर्म में विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और सिद्धियों के दाता कहा गया है। उन्होंने समय-समय पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा और अधर्म का विनाश किया। त्रेतायुग में गणेशजी ने मयूरेश्वर अवतार धारण किया और महादैत्य सिंधु का वध कर तीनों लोकों को अत्याचार से मुक्त किया। भगवान् मयूरेश्वरका अवतार त्रेतायुगकी बात

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Ganesh Ji

सतयुग में हुआ था गणेशजी का महोत्कट अवतार

गणेशजी को विघ्नहर्ता, बुद्धि-विवेक और सिद्धियों के दाता माना जाता है। वे थोड़ी-सी उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं और इसी कारण उन्हें हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य देवता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार गणेशजी ने कुल 64

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