Pauranik Katha

Tripurasur Vadh Katha

🔱 त्रिपुरासुर वध कथा: भगवान शिव का त्रिपुरांतक अवतार और पौराणिक रहस्य

शिव क्यों कहलाए त्रिपुरारी? एक ही बाण से तीनों लोकों के असुरों का संहार Tripurasur Vadh Katha: तारकासुर के तीन पुत्र थे, उनके नाम तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युनमाली थे। इनके पास तीन घूमने वाले शहर थे, जिन्हें त्रिपुरा नगरी के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि सभी देवता इनका वध करने […]

🔱 त्रिपुरासुर वध कथा: भगवान शिव का त्रिपुरांतक अवतार और पौराणिक रहस्य Read More »

Katyayani Mata

नवरात्रि का छठा दिन: माँ कात्यायनी की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Sixth Day – Maa Katyayani

नवरात्रि का छठा दिन (Navratri Sixth Day) नवरात्रि के छठे दिन माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। वे शक्ति और साहस की देवी मानी जाती हैं। माँ कात्यायनी को अष्टमहा शक्ति में से एक माना गया है। माँ कात्यायनी की कहानी (Maa Katyayani Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार,

नवरात्रि का छठा दिन: माँ कात्यायनी की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Sixth Day – Maa Katyayani Read More »

Maa Kaalratri

नवरात्रि का सातवाँ दिन: माँ कालरात्रि की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Seventh Day – Maa Kalaratri

नवरात्रि का सातवाँ दिन (Navratri Seventh Day) नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। इनका रूप भयंकर और रौद्र है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए हमेशा मंगलकारी और शुभ फल देने वाली हैं। माँ कालरात्रि की कहानी (Maa Kalaratri Ki Kahani in Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार,

नवरात्रि का सातवाँ दिन: माँ कालरात्रि की कहानी, पूजा विधि और महिमा | Navratri Seventh Day – Maa Kalaratri Read More »

Ganesh Ji

सतयुग में हुआ था गणेशजी का महोत्कट अवतार

गणेशजी को विघ्नहर्ता, बुद्धि-विवेक और सिद्धियों के दाता माना जाता है। वे थोड़ी-सी उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं और इसी कारण उन्हें हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य देवता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार गणेशजी ने कुल 64

सतयुग में हुआ था गणेशजी का महोत्कट अवतार Read More »

Ganesh Ji

त्रेतायुग में भगवान गणेश का मयूरेश्वर अवतार – पूरी कथा

भगवान गणेशजी को हिन्दू धर्म में विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और सिद्धियों के दाता कहा गया है। उन्होंने समय-समय पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा और अधर्म का विनाश किया। त्रेतायुग में गणेशजी ने मयूरेश्वर अवतार धारण किया और महादैत्य सिंधु का वध कर तीनों लोकों को अत्याचार से मुक्त किया। भगवान् मयूरेश्वरका अवतार त्रेतायुगकी बात

त्रेतायुग में भगवान गणेश का मयूरेश्वर अवतार – पूरी कथा Read More »

Narak Chaturdashi

नरक चतुर्दशी : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Narak Chaturdashi : Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

नरक चतुर्दशी क्या है? नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली, काली चौदस और रूप चौदस भी कहा जाता है, दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन यमराज की

नरक चतुर्दशी : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Narak Chaturdashi : Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika) Read More »

Govardhan Pooja

गोवर्धन पूजा : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Govardhan Pooja : Katha, Mahatwa or Utsav Ka Tarika)

गोवर्धन पूजा क्या है? गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है। इसे अन्नकूट या अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। यह पर्व प्रकृति और पशुपालन का महत्व बताने वाला पर्व है। गोवर्धन पूजा का मुख्य उद्देश्य प्रकृति और गायों के लिए

गोवर्धन पूजा : कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Govardhan Pooja : Katha, Mahatwa or Utsav Ka Tarika) Read More »

Bhai Dooj

भाई दूज : पौराणिक कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Bhai Dooj : Pouranik Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika)

भाई दूज क्या है? भाई दूज दिवाली के बाद मनाया जाने वाला पर्व है। इसे भाई टीका या भैयादूज भी कहा जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों

भाई दूज : पौराणिक कथा, महत्व और उत्सव का तरीका (Bhai Dooj : Pouranik Katha, Mahatwa or Utsav ka Tarika) Read More »

Masik Shivratri

मासिक शिवरात्रि व्रत: पूजा विधि, महत्व और नियम (Masik Shivratri Varat)

मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। मासिक शिवरात्रि व्रत का महत्व मासिक शिवरात्रि

मासिक शिवरात्रि व्रत: पूजा विधि, महत्व और नियम (Masik Shivratri Varat) Read More »

Exit mobile version